How al-Qaeda forces women to become suicide-bombers
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ShilpiDubeyPathak , Mumbai:
Sep 14 2008
Made Popular Sep 14 2008
Wild passion can be dangerous, especially when it comes from extremist groups like the al-Qaeda. Their latest weapon, according to The US Army is to deploy women for terrorist attacks, as women have the advantage of becoming almost sure shot live...
1 Stars
well if terrorists can kill 100’s of lyf in a single blow...wat respect do they hav for women....they are just disillusioned and can destroy anything in the name of jihad
1 Stars
ये है जेहादी ....जो
धर्म के नाम पर करते है बर्बादी..!
ये है जेहादी ....जो
मदर्षा में पलते-बढ़ते है ...और फिर
मस्जिद में सड़ते है ...!
जिस थाली में खाते है ...और फिर...
उसी थाली में छेद करते है..!
ये है जेहादी ....जो
हराम और हलाल की खाते है ...और फिर ..
गोली और बम के एक ही झत्त्के से मर जाते है ..!
जिस देश में जीते है .... और फिर...
उसी देश से गद्दारी कर जाते है ...!
ये है जेहादी ....जो
दिन रात दहसत फैलाते चलते है ... और फिर
धर्म की बात करते है ....!
रहने की तो छत नहीं .....और फिर...
बम बनाते चलते है ...!
ये है जेहादी ....जो
मुहँ छुपा कर हिज्रों की फौज बनाते है....और फिर...
आतंक फैलाकर अपनेको तो मर्द कहाते है
असल मर्द है तो सामने क्यों नहीं आतें है ..और फिर....
छुप-छुप कर शहरों में बम धमाके क्यों कराते है .
ये है जेहादी ....जो
नेतागणों के घरजमाई कहलाते है ...और फिर
ये ही तो उनके साल भर की कमाई कराते है !
कुछ नेतागणों इन जेहादिओं की ताकत बनतें है ...और फिर
ये ही तो उनके वोट बैंक भरते है.......
ये है जेहादी ....जो
धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है ..!!
जो धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है.!!!
धर्म के नाम पर करते है बर्बादी..!
ये है जेहादी ....जो
मदर्षा में पलते-बढ़ते है ...और फिर
मस्जिद में सड़ते है ...!
जिस थाली में खाते है ...और फिर...
उसी थाली में छेद करते है..!
ये है जेहादी ....जो
हराम और हलाल की खाते है ...और फिर ..
गोली और बम के एक ही झत्त्के से मर जाते है ..!
जिस देश में जीते है .... और फिर...
उसी देश से गद्दारी कर जाते है ...!
ये है जेहादी ....जो
दिन रात दहसत फैलाते चलते है ... और फिर
धर्म की बात करते है ....!
रहने की तो छत नहीं .....और फिर...
बम बनाते चलते है ...!
ये है जेहादी ....जो
मुहँ छुपा कर हिज्रों की फौज बनाते है....और फिर...
आतंक फैलाकर अपनेको तो मर्द कहाते है
असल मर्द है तो सामने क्यों नहीं आतें है ..और फिर....
छुप-छुप कर शहरों में बम धमाके क्यों कराते है .
ये है जेहादी ....जो
नेतागणों के घरजमाई कहलाते है ...और फिर
ये ही तो उनके साल भर की कमाई कराते है !
कुछ नेतागणों इन जेहादिओं की ताकत बनतें है ...और फिर
ये ही तो उनके वोट बैंक भरते है.......
ये है जेहादी ....जो
धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है ..!!
जो धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है.!!!
Local Opinions (3)
1 Stars
Terrorists don’t stay back from using women, children and anything to obtain their evil aims.
Last year, the Taliban in Kandahar, Afghanistan, hid explosives in a human corpse and when some people came to bury the corpse it went off killing many innocent and sympathetic men. Terrorism has no religion, no mercy, no civility and no humanity.
Last year, the Taliban in Kandahar, Afghanistan, hid explosives in a human corpse and when some people came to bury the corpse it went off killing many innocent and sympathetic men. Terrorism has no religion, no mercy, no civility and no humanity.
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well if terrorists can kill 100’s of lyf in a single blow...wat respect do they hav for women....they are just disillusioned and can destroy anything in the name of jihad
1 Stars
ये है जेहादी ....जो
धर्म के नाम पर करते है बर्बादी..!
ये है जेहादी ....जो
मदर्षा में पलते-बढ़ते है ...और फिर
मस्जिद में सड़ते है ...!
जिस थाली में खाते है ...और फिर...
उसी थाली में छेद करते है..!
ये है जेहादी ....जो
हराम और हलाल की खाते है ...और फिर ..
गोली और बम के एक ही झत्त्के से मर जाते है ..!
जिस देश में जीते है .... और फिर...
उसी देश से गद्दारी कर जाते है ...!
ये है जेहादी ....जो
दिन रात दहसत फैलाते चलते है ... और फिर
धर्म की बात करते है ....!
रहने की तो छत नहीं .....और फिर...
बम बनाते चलते है ...!
ये है जेहादी ....जो
मुहँ छुपा कर हिज्रों की फौज बनाते है....और फिर...
आतंक फैलाकर अपनेको तो मर्द कहाते है
असल मर्द है तो सामने क्यों नहीं आतें है ..और फिर....
छुप-छुप कर शहरों में बम धमाके क्यों कराते है .
ये है जेहादी ....जो
नेतागणों के घरजमाई कहलाते है ...और फिर
ये ही तो उनके साल भर की कमाई कराते है !
कुछ नेतागणों इन जेहादिओं की ताकत बनतें है ...और फिर
ये ही तो उनके वोट बैंक भरते है.......
ये है जेहादी ....जो
धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है ..!!
जो धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है.!!!
धर्म के नाम पर करते है बर्बादी..!
ये है जेहादी ....जो
मदर्षा में पलते-बढ़ते है ...और फिर
मस्जिद में सड़ते है ...!
जिस थाली में खाते है ...और फिर...
उसी थाली में छेद करते है..!
ये है जेहादी ....जो
हराम और हलाल की खाते है ...और फिर ..
गोली और बम के एक ही झत्त्के से मर जाते है ..!
जिस देश में जीते है .... और फिर...
उसी देश से गद्दारी कर जाते है ...!
ये है जेहादी ....जो
दिन रात दहसत फैलाते चलते है ... और फिर
धर्म की बात करते है ....!
रहने की तो छत नहीं .....और फिर...
बम बनाते चलते है ...!
ये है जेहादी ....जो
मुहँ छुपा कर हिज्रों की फौज बनाते है....और फिर...
आतंक फैलाकर अपनेको तो मर्द कहाते है
असल मर्द है तो सामने क्यों नहीं आतें है ..और फिर....
छुप-छुप कर शहरों में बम धमाके क्यों कराते है .
ये है जेहादी ....जो
नेतागणों के घरजमाई कहलाते है ...और फिर
ये ही तो उनके साल भर की कमाई कराते है !
कुछ नेतागणों इन जेहादिओं की ताकत बनतें है ...और फिर
ये ही तो उनके वोट बैंक भरते है.......
ये है जेहादी ....जो
धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है ..!!
जो धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है.!!!
Global Opinions (3)
1 Stars
Terrorists don’t stay back from using women, children and anything to obtain their evil aims.
Last year, the Taliban in Kandahar, Afghanistan, hid explosives in a human corpse and when some people came to bury the corpse it went off killing many innocent and sympathetic men. Terrorism has no religion, no mercy, no civility and no humanity.
Last year, the Taliban in Kandahar, Afghanistan, hid explosives in a human corpse and when some people came to bury the corpse it went off killing many innocent and sympathetic men. Terrorism has no religion, no mercy, no civility and no humanity.
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well if terrorists can kill 100’s of lyf in a single blow...wat respect do they hav for women....they are just disillusioned and can destroy anything in the name of jihad
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ये है जेहादी ....जो
धर्म के नाम पर करते है बर्बादी..!
ये है जेहादी ....जो
मदर्षा में पलते-बढ़ते है ...और फिर
मस्जिद में सड़ते है ...!
जिस थाली में खाते है ...और फिर...
उसी थाली में छेद करते है..!
ये है जेहादी ....जो
हराम और हलाल की खाते है ...और फिर ..
गोली और बम के एक ही झत्त्के से मर जाते है ..!
जिस देश में जीते है .... और फिर...
उसी देश से गद्दारी कर जाते है ...!
ये है जेहादी ....जो
दिन रात दहसत फैलाते चलते है ... और फिर
धर्म की बात करते है ....!
रहने की तो छत नहीं .....और फिर...
बम बनाते चलते है ...!
ये है जेहादी ....जो
मुहँ छुपा कर हिज्रों की फौज बनाते है....और फिर...
आतंक फैलाकर अपनेको तो मर्द कहाते है
असल मर्द है तो सामने क्यों नहीं आतें है ..और फिर....
छुप-छुप कर शहरों में बम धमाके क्यों कराते है .
ये है जेहादी ....जो
नेतागणों के घरजमाई कहलाते है ...और फिर
ये ही तो उनके साल भर की कमाई कराते है !
कुछ नेतागणों इन जेहादिओं की ताकत बनतें है ...और फिर
ये ही तो उनके वोट बैंक भरते है.......
ये है जेहादी ....जो
धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है ..!!
जो धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है.!!!
धर्म के नाम पर करते है बर्बादी..!
ये है जेहादी ....जो
मदर्षा में पलते-बढ़ते है ...और फिर
मस्जिद में सड़ते है ...!
जिस थाली में खाते है ...और फिर...
उसी थाली में छेद करते है..!
ये है जेहादी ....जो
हराम और हलाल की खाते है ...और फिर ..
गोली और बम के एक ही झत्त्के से मर जाते है ..!
जिस देश में जीते है .... और फिर...
उसी देश से गद्दारी कर जाते है ...!
ये है जेहादी ....जो
दिन रात दहसत फैलाते चलते है ... और फिर
धर्म की बात करते है ....!
रहने की तो छत नहीं .....और फिर...
बम बनाते चलते है ...!
ये है जेहादी ....जो
मुहँ छुपा कर हिज्रों की फौज बनाते है....और फिर...
आतंक फैलाकर अपनेको तो मर्द कहाते है
असल मर्द है तो सामने क्यों नहीं आतें है ..और फिर....
छुप-छुप कर शहरों में बम धमाके क्यों कराते है .
ये है जेहादी ....जो
नेतागणों के घरजमाई कहलाते है ...और फिर
ये ही तो उनके साल भर की कमाई कराते है !
कुछ नेतागणों इन जेहादिओं की ताकत बनतें है ...और फिर
ये ही तो उनके वोट बैंक भरते है.......
ये है जेहादी ....जो
धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है ..!!
जो धर्म के नाम पर बर्बादी कराते है.!!!
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